स्टॉक कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें?
- स्टॉक में रखे हर सामान को जोड़ें, उसकी इकाई, लागत मूल्य और बिक्री मूल्य के साथ।
- ओपनिंग स्टॉक (अवधि की शुरुआत में कितना था), ख़रीदी मात्रा और बेची मात्रा डालें।
- टूल हर सामान का क्लोज़िंग स्टॉक, लागत पर स्टॉक वैल्यू, आपकी बिक्री और सकल मुनाफ़ा दिखाता है, और ऊपर सबका जोड़।
- जो सामान ख़त्म नहीं होना चाहिए, उसके लिए "चेतावनी" की मात्रा डालें। क्लोज़िंग स्टॉक उतना रह जाने पर उस पर "कम स्टॉक" दिखता है। क्या मँगाना है, यह "कम स्टॉक" फ़िल्टर से देखें।
- महीने (या किसी भी अवधि) के अंत में नई अवधि शुरू करें दबाएँ। हर क्लोज़िंग स्टॉक अगला ओपनिंग स्टॉक बनता है, ख़रीद और बिक्री शून्य हो जाती है, और अवधि का जोड़ "पिछली अवधियाँ" में रहता है।
फ़ॉर्मूले
| क्या | फ़ॉर्मूला |
|---|---|
| क्लोज़िंग स्टॉक | ओपनिंग स्टॉक + ख़रीदा − बेचा |
| स्टॉक वैल्यू | क्लोज़िंग स्टॉक × लागत मूल्य |
| बिक्री | बेची गई मात्रा × बिक्री मूल्य |
| सकल मुनाफ़ा | बेची गई मात्रा × (बिक्री मूल्य − लागत मूल्य) |
उदाहरण
एक किराना दुकान चावल के 25 किलो वाले बोरे रखती है। एक बोरा ₹1,150 में ख़रीदकर ₹1,300 में बेचती है।
- ओपनिंग स्टॉक 12 बोरे + ख़रीदे 40 − बेचे 45 = 7 बोरे स्टॉक में
- स्टॉक वैल्यू: 7 × ₹1,150 = ₹8,050
- बिक्री: 45 × ₹1,300 = ₹58,500
- सकल मुनाफ़ा: 45 × (₹1,300 − ₹1,150) = ₹6,750
"चेतावनी" 10 बोरे पर हो, तो चावल कम स्टॉक में दिखेगा, यानी और मँगाने का समय।
स्टॉक वैल्यू क्यों ज़रूरी है?
- हिसाब-किताब और इनकम टैक्स: क्लोज़िंग स्टॉक मुनाफ़े के हिसाब का हिस्सा है। हिसाब में इसे लागत पर गिना जाता है, या बाज़ार भाव कम हो तो उस पर।
- बैंक लोन: कैश क्रेडिट (CC) और ओवरड्राफ़्ट लिमिट के लिए बैंक स्टॉक स्टेटमेंट माँगते हैं। यहाँ की PDF में हर सामान की मात्रा और वैल्यू होती है।
- स्टॉक में फँसा पैसा: स्टॉक वैल्यू ज़्यादा और बिक्री कम हो, तो पैसा अलमारी में पड़ा है। धीमे बिकने वाले सामान पहले निकालें और उन्हें कम ख़रीदें।
यहाँ का सकल मुनाफ़ा दुकान के किराए, वेतन, बिजली और दूसरे खर्च से पहले का है, इसलिए असली (नेट) मुनाफ़ा इससे कम होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्लोज़िंग स्टॉक क्या होता है?
किसी अवधि के अंत में बची मात्रा: ओपनिंग स्टॉक + ख़रीद − बिक्री। लागत मूल्य पर उसकी कीमत आपकी क्लोज़िंग स्टॉक वैल्यू है।
स्टॉक की कीमत लागत पर गिनें या बिक्री मूल्य पर?
लागत पर, या बाज़ार भाव कम हो तो उस पर (जैसे ख़राब या पुराने माल के लिए)। बिक्री मूल्य पर गिनने से वह मुनाफ़ा जुड़ जाएगा जो अभी कमाया ही नहीं।
किसी सामान का स्टॉक माइनस क्यों दिख रहा है?
आपने स्टॉक से ज़्यादा बिक्री लिखी है। ओपनिंग स्टॉक और ख़रीद जाँचें, शायद कोई ख़रीद लिखनी रह गई।
मेरा स्टॉक डेटा कहाँ सेव होता है?
सिर्फ़ इसी डिवाइस के इस ब्राउज़र में। कुछ भी अपलोड नहीं होता। नियमित बैकअप डाउनलोड करें, और सब सामान की शीट के लिए "Excel में निकालें" इस्तेमाल करें।
क्या एक से ज़्यादा दुकानों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं?
हर डिवाइस और ब्राउज़र में एक स्टॉक सूची रहती है। दूसरी दुकान के लिए दूसरा ब्राउज़र इस्तेमाल करें, या अलग बैकअप रखें और ज़रूरत वाला रिस्टोर करें।