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लोन प्रीपेमेंट कैलकुलेटर

पार्ट-पेमेंट या अतिरिक्त EMI से बचा ब्याज, और नई EMI या अवधि।

₹

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₹

₹

आपकी EMI के ऊपर भरी जाने वाली रकम, जैसे ₹2,000 महीना।

प्रीपेमेंट के बाद

अवधि घटाने से ज़्यादा ब्याज बचता है। अपने बैंक से पूछें कि वह कौन-सा विकल्प लागू करता है।

बचने वाला ब्याज

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मौजूदा EMI
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नया मासिक भुगतान
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लोन ख़त्म होगा
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प्रीपेमेंट के बिना ब्याज
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प्रीपेमेंट के बाद ब्याज
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लोन प्रीपेमेंट क्या है?

प्रीपेमेंट (या पार्ट-पेमेंट) वह रकम है जो आप नियमित EMI के अलावा अपने लोन में जमा करते हैं। यह सीधे मूलधन घटाती है, इसलिए आगे हर महीने का ब्याज कम हो जाता है। आप एकमुश्त रकम (जैसे बोनस) भर सकते हैं या हर महीने थोड़ा ज़्यादा।

एकमुश्त प्रीपेमेंट के बाद बैंक या तो EMI वही रखकर अवधि घटाता है, या अवधि वही रखकर EMI घटाता है। यह कैलकुलेटर दोनों दिखाता है।

उदाहरण: 8.5% पर ₹25 लाख बकाया, 15 साल बाक़ी

EMI ₹24,618 है, और आगे भरना बाक़ी ब्याज ₹19,31,328 है।

आप क्या करते हैं मासिक भुगतान लोन ख़त्म होगा बचा ब्याज
कुछ नहीं ₹24,618 15 साल —
₹2 लाख प्रीपेमेंट, EMI वही ₹24,618 12 साल 10 महीने ₹4,50,426
₹2 लाख प्रीपेमेंट, EMI कम ₹22,649 15 साल ₹1,54,506
हर महीने ₹2,000 ज़्यादा ₹26,618 13 साल ₹3,04,070
हर महीने ₹5,000 ज़्यादा ₹29,618 10 साल 10 महीने ₹6,08,529
अभी ₹2 लाख + हर महीने ₹2,000 ज़्यादा ₹26,618 11 साल 3 महीने ₹6,60,514

वही ₹2 लाख, EMI वही रखकर अवधि घटाने पर लगभग तीन गुना ज़्यादा ब्याज बचाते हैं। EMI तभी घटवाएँ जब मौजूदा EMI भरना मुश्किल हो।

EMI घटाएँ या अवधि?

  • अवधि घटाएँ (EMI वही): सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है और आप जल्दी क़र्ज़मुक्त होते हैं। EMI आराम से भर पा रहे हों तो यही बेहतर।
  • EMI घटाएँ (अवधि वही): हर महीने पैसे बचते हैं, पर ब्याज बहुत कम बचता है। बजट तंग हो तो उपयोगी।

कई बैंक अपने-आप "अवधि घटाएँ" लागू करते हैं; प्रीपेमेंट करते समय अपना विकल्प लिखकर दें।

नियम और शुल्क

  • फ़्लोटिंग रेट लोन: RBI के नियमों के अनुसार बैंक व्यक्तियों द्वारा व्यवसाय के अलावा किसी उद्देश्य से लिए गए फ़्लोटिंग रेट लोन पर प्रीपेमेंट या फ़ोरक्लोज़र शुल्क नहीं ले सकते।
  • फ़िक्स्ड रेट लोन: शुल्क (अक्सर प्रीपेमेंट रकम का 2–4%) लग सकता है; अपना लोन एग्रीमेंट देखें।
  • शुरुआती साल सबसे अहम: लोन की शुरुआत में ब्याज सबसे ज़्यादा होता है, इसलिए शुरुआती सालों में किया गया प्रीपेमेंट सबसे ज़्यादा बचाता है।

प्रीपेमेंट करें या निवेश?

  • पहले इमरजेंसी फ़ंड रखें (3–6 महीने का ख़र्च), फिर बचे पैसे लोन में डालें।
  • दरों की तुलना करें: 9% वाले लोन का प्रीपेमेंट उस पैसे पर पक्का 9% कमाने जैसा है। अगर टैक्स के बाद आपके निवेश इससे ज़्यादा देने की संभावना कम है, तो प्रीपेमेंट आमतौर पर बेहतर है।
  • होम लोन पर टैक्स: पुरानी टैक्स व्यवस्था में ख़ुद के रहने वाले घर के होम लोन के ब्याज पर सालाना ₹2 लाख तक छूट मिलती है, और मूलधन की अदायगी ₹1.5 लाख की टैक्स-बचत छूट में गिनी जाती है (आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 123; पहले धारा 80C)। प्रीपेमेंट से क्लेम किया जाने वाला ब्याज घटता है, इसलिए ये छूट लेते हों तो असली बचत थोड़ी कम होती है। नई टैक्स व्यवस्था में ख़ुद के रहने वाले घर पर ऐसी छूट नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

₹1 लाख प्रीपेमेंट से कितना ब्याज बचेगा?

यह आपके बकाया, दर और बची अवधि पर निर्भर है। ऊपर अपने आँकड़े डालें। अंदाज़े के लिए: 8.5% पर ₹25 लाख के लोन में, 15 साल बाक़ी रहते हुए अभी ₹2 लाख भरकर EMI वही रखने पर लगभग ₹4.5 लाख ब्याज बचता है।

एक बार प्रीपेमेंट करना बेहतर है या हर महीने थोड़ा ज़्यादा?

दोनों मदद करते हैं, और पैसा जितनी जल्दी लोन में जाए उतना ज़्यादा बचाता है। हर महीने थोड़ी अतिरिक्त रकम भरना आसान है और यह जुड़ता जाता है: ऊपर के उदाहरण में ₹2,000 महीना ₹3 लाख से ज़्यादा बचाता है।

पार्ट-पेमेंट के बाद क्या मेरी EMI बदलेगी?

तभी, जब आप बैंक से EMI घटाने को कहें। कई बैंक अपने-आप EMI वही रखकर अवधि घटाते हैं। प्रीपेमेंट करते समय बैंक को अपना विकल्प बताएँ।

क्या होम लोन के प्रीपेमेंट पर पेनल्टी लगती है?

व्यक्ति द्वारा व्यवसाय के अलावा किसी उद्देश्य से लिए गए फ़्लोटिंग रेट लोन पर नहीं। फ़िक्स्ड रेट लोन पर शुल्क लग सकता है, इसलिए अपना लोन एग्रीमेंट देखें।

क्या मेरी डाली हुई जानकारी कहीं सेव होती है?

नहीं। पूरा हिसाब आपके ब्राउज़र में ही होता है। आपकी डाली हुई कोई भी जानकारी हमारे सर्वर पर नहीं भेजी जाती और न ही सेव की जाती है।

अंतिम अपडेट:

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