PPF क्या है?
पब्लिक प्रोविडेंट फ़ंड (PPF) लंबी अवधि की सरकारी बचत योजना है। खाता डाकघर या बैंक में खुलता है, हर वित्त वर्ष में ₹500 से ₹1.5 लाख तक जमा कर सकते हैं, और यह 15 साल में मैच्योर होता है। ब्याज दर भारत सरकार हर तिमाही तय करती है; जुलाई–सितंबर 2026 के लिए यह 7.1% सालाना है, पिछली कई तिमाहियों जितनी ही।
PPF उन गिने-चुने निवेशों में है जो तीनों स्तर पर टैक्स-फ़्री हैं: पुरानी टैक्स व्यवस्था में जमा रकम पर छूट मिलती है (आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 123; पहले धारा 80C), और ब्याज व मैच्योरिटी रकम दोनों टैक्स-फ़्री हैं।
PPF का ब्याज कैसे निकलता है
- ब्याज हर महीने 5 तारीख से महीने के आख़िरी दिन के बीच के सबसे कम बैलेंस पर निकाला जाता है।
- यह साल में एक बार, 31 मार्च को खाते में जुड़ता है, इसलिए सालाना चक्रवृद्धि होती है।
- 5 तारीख तक जमा की गई रकम पर उस महीने का ब्याज मिलता है; 6 तारीख या बाद में जमा करने पर उस महीने का ब्याज नहीं मिलता।
इसीलिए साल भर की रकम 5 अप्रैल से पहले जमा करने पर सबसे ज़्यादा ब्याज मिलता है।
7.1% पर उदाहरण
| सालाना जमा | 15 साल में कुल जमा | मैच्योरिटी रकम | मिला ब्याज |
|---|---|---|---|
| ₹12,000 | ₹1,80,000 | ₹3,25,457 | ₹1,45,457 |
| ₹50,000 | ₹7,50,000 | ₹13,56,070 | ₹6,06,070 |
| ₹1,00,000 | ₹15,00,000 | ₹27,12,139 | ₹12,12,139 |
| ₹1,50,000 | ₹22,50,000 | ₹40,68,209 | ₹18,18,209 |
हर महीने ₹12,500 जमा करने पर (यह भी सालाना ₹1.5 लाख) 15 साल बाद ₹39,44,599 मिलते हैं, यानी 5 अप्रैल से पहले एक बार ₹1.5 लाख जमा करने से लगभग ₹1.24 लाख कम, क्योंकि हर मासिक जमा को ब्याज मिलना देर से शुरू होता है।
15 साल के बाद एक्सटेंशन
मैच्योरिटी पर आप पैसे निकाल सकते हैं, या खाते को 5-5 साल के लिए बढ़ा सकते हैं, जमा जारी रखते हुए या बिना जमा के (जमा जारी रखनी हो तो मैच्योरिटी के एक साल के भीतर एक्सटेंशन फ़ॉर्म देना होता है)। सालाना ₹1.5 लाख पर:
| अवधि | कुल जमा | मैच्योरिटी रकम |
|---|---|---|
| 15 साल | ₹22,50,000 | ₹40,68,209 |
| 20 साल | ₹30,00,000 | ₹66,58,288 |
| 25 साल | ₹37,50,000 | ₹1,03,08,015 |
निकासी और लोन
- लोन: तीसरे से छठे वित्त वर्ष तक, लोन से दो साल पहले के अंत के बैलेंस का 25% तक।
- आंशिक निकासी: सातवें वित्त वर्ष से साल में एक बार, चार साल पहले के अंत के बैलेंस या पिछले साल के अंत के बैलेंस, जो कम हो, उसका 50% तक।
- समय से पहले बंद: 5 साल के बाद, सिर्फ़ गंभीर बीमारी या उच्च शिक्षा जैसे कारणों से, 1% कम ब्याज के साथ।
ये नियम PPF योजना, 2019 के हैं; कोई कदम उठाने से पहले अपने डाकघर या बैंक से पुष्टि करें, क्योंकि नियम बदल सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PPF की मौजूदा ब्याज दर क्या है?
जुलाई–सितंबर 2026 के लिए 7.1% सालाना। सरकार हर तिमाही इसकी समीक्षा करती है, इसलिए दर बदली हो तो ऊपर दर बदल दें।
PPF में सालाना ₹1.5 लाख से 15 साल बाद कितना मिलेगा?
7.1% पर, हर साल 5 अप्रैल से पहले ₹1.5 लाख जमा करने पर ₹40,68,209 बनते हैं: ₹22.5 लाख जमा और ₹18.18 लाख ब्याज, सब टैक्स-फ़्री।
हर महीने जमा करना बेहतर है या साल में एक बार?
5 अप्रैल से पहले साल में एक बार जमा करने पर सबसे ज़्यादा मिलता है। यह न हो सके तो हर महीने 5 तारीख से पहले जमा करें, ताकि हर जमा पर उस महीने का ब्याज मिले।
क्या PPF के ब्याज पर टैक्स लगता है?
नहीं। PPF का ब्याज और मैच्योरिटी रकम पूरी तरह टैक्स-फ़्री हैं। पुरानी टैक्स व्यवस्था में जमा रकम पर सालाना ₹1.5 लाख तक छूट ले सकते हैं (आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 123, जिसने धारा 80C की जगह ली है)।
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