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जानें कि आपकी मासिक RD कितनी बढ़ेगी।

₹

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मैच्योरिटी रकम

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कुल जमा
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मिलने वाला ब्याज
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रेकरिंग डिपॉज़िट (RD) क्या है?

रेकरिंग डिपॉज़िट में आप हर महीने एक तय रकम बैंक या पोस्ट ऑफ़िस में जमा करते हैं और उस पर तय ब्याज मिलता है। अवधि पूरी होने पर आपकी सारी जमा रकम ब्याज के साथ वापस मिलती है। स्कूल फ़ीस, त्योहार या घर के डाउन पेमेंट जैसे लक्ष्यों के लिए मासिक आय से बचत करने का यह आसान तरीका है।

RD की मैच्योरिटी रकम कैसे निकलती है?

हर मासिक किस्त पर, जितने महीने वह जमा रहती है उतने समय का ब्याज मिलता है, और ब्याज हर तिमाही जुड़ता है। पहली किस्त पर पूरी अवधि का ब्याज मिलता है, आखिरी किस्त पर सिर्फ़ एक महीने का। इन सबको जोड़कर:

मैच्योरिटी = Σ R × (1 + r ÷ 400)k ÷ 3, k = 1 से n तक

  • R = मासिक जमा
  • r = सालाना ब्याज दर (%)
  • n = कुल मासिक किस्तें
  • k = हर किस्त कितने महीने जमा रहती है

उदाहरण

मासिक जमा दर अवधि कुल जमा मिलने वाला ब्याज मैच्योरिटी रकम
₹1,000 7% 1 साल ₹12,000 ₹462 ₹12,462
₹5,000 7% 3 साल ₹1,80,000 ₹20,686 ₹2,00,686
₹2,000 7% 5 साल ₹1,20,000 ₹23,866 ₹1,43,866
₹5,000 6.5% 5 साल ₹3,00,000 ₹54,954 ₹3,54,954

ध्यान दें कि लंबी अवधि में ब्याज तेज़ी से बढ़ता है, क्योंकि शुरुआती किस्तों पर ब्याज पर भी ब्याज मिलता रहता है।

RD, FD या SIP?

  • RD: तय और गारंटीड रिटर्न; मासिक आय से बचत के लिए अच्छा।
  • FD: जब आपके पास पहले से एकमुश्त रकम हो तब बेहतर, क्योंकि पूरी रकम पर पहले दिन से ब्याज मिलता है।
  • SIP: म्यूचुअल फ़ंड में मासिक निवेश; रिटर्न गारंटीड नहीं, लेकिन लंबे समय में ज़्यादा हो सकता है।

टिप्स

  • ऑटो-डेबिट सेट करें ताकि सैलरी की तारीख पर किस्त अपने-आप कटे और कोई किस्त न छूटे।
  • किस्त छूटने की पेनल्टी जानें। बैंक आमतौर पर छोटा शुल्क लेते हैं, और कई किस्तें छूटने पर खाता बंद हो सकता है।
  • टैक्स याद रखें। RD के ब्याज पर आपके स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है, और TDS के नियम FD जैसे ही हैं।
  • पोस्ट ऑफ़िस से तुलना करें। पोस्ट ऑफ़िस RD की अवधि 5 साल है और ब्याज तिमाही जुड़ता है; इसकी दर हर तिमाही बदलती है, इसलिए मौजूदा दर इंडिया पोस्ट (India Post) की वेबसाइट पर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

RD बेहतर है या FD?

अगर आपके पास पैसा पहले से है, तो FD में आमतौर पर ज़्यादा ब्याज मिलता है, क्योंकि पूरी रकम पर पहले दिन से ब्याज लगता है। हर महीने आय से तय रकम बचानी हो तो RD बेहतर है।

अगर RD की किस्त छूट जाए तो क्या होगा?

ज़्यादातर बैंक देर से भरी किस्त पर छोटी पेनल्टी लेते हैं। कई किस्तें छूटने पर बैंक RD बंद करके आपकी रकम ब्याज सहित लौटा सकता है।

क्या RD के ब्याज पर टैक्स लगता है?

हाँ। RD का ब्याज आपकी आय में जुड़ता है और स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है। बैंक से मिलने वाला कुल ब्याज सालाना सीमा से ज़्यादा होने पर TDS कटता है।

क्या RD मैच्योरिटी से पहले बंद कर सकते हैं?

ज़्यादातर बैंक समय से पहले बंद करने की अनुमति देते हैं, लेकिन कम ब्याज दर देते हैं और पेनल्टी ले सकते हैं।

मेरे बैंक की मैच्योरिटी रकम थोड़ी अलग क्यों है?

बैंक हर तिमाही ब्याज की राउंडिंग या दिनों की गिनती थोड़े अलग तरीके से कर सकते हैं। फ़र्क आमतौर पर कुछ रुपये का ही होता है।

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